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बवासीर के लिए एनोवेट क्रीम

creams for piles

बवासीर के लिए एनोवेट क्रीम

बवासीर क्या है :

बवासीर एक गुदा रोग है,जिसमें रोगी के गुदा द्वार की नसों में सूजन आ जाता है और मस्सों का निर्माण हो

जाता है। बवासीर को अंग्रेजी में पाइल्स और हेमोरोइड के नाम से जाना जाता है। बवासीर से पीड़ित मरीज के गुदा के अंदर छोटे-छोटे मस्से बन जाते हैं, जो मल त्याग के दौरान दर्द देते हैं और गुदा क्षेत्र में सूजन आ जाता है। सूजन की वजह से दर्द और तकलीफें बढ़ जाती हैं। ऐसे में मरीज का उठना-बैठना तक मुश्किल हो जाता है।

बवासीर के प्रकार:

बवासीर दो प्रकार के होते हैं:

a) बादी बवासीर- में मरीज के गुदा में तेज दर्द, जलन, सूजन और स्टूल पास करने में काफी परेशानी

होती है। बादी बवासीर में मरीज के एनस से खून नहीं आता है।

b) खूनी बवासीर- में स्टूल पास करते समय खून आता है।

लक्षण:

  • गुदा क्षेत्र में खुजली
  • मलत्याग के दौरान रक्तस्त्राव
  • गुदा क्षेत्र में दर्द
  • गुदा क्षेत्र में जलन
  • बैठने में दर्द
  • गुदा क्षेत्र में मस्से

बवासीर के कारण :

बवासीर होने के बहुत से कारण हैं। लेकिन इनमें सबसे खास कारण ज्यादा तैलीय, मसालेदार और बाहरी खाना

है। जिसमें तेल, नमक का सेवन करना, सफाई पर ध्यान नहीं देना, फ़ास्ट फूड्स खाना, कोल्ड ड्रिंक्स और

सिगरेट पीना और कम मात्रा में पानी पीना आदि शामिल हैं। इनकी वजह से पेट में हमेशा गैस और कब्ज बना

रहता है। कब्ज होने की वजह से खाना हजम नहीं होता है जिसके कारण आपका पेट पूरी खाली नहीं होता है और मल मोटा तथा कठोर बनने लगता है। परिणामस्वरूप एनस की नसों में प्रेशर पड़ता है जिसकी वजह से उनके अंदर जख्म बन जाते हैं। वही जख्म आगे जाकर बवासीर का रूप ले लेते हैं।

बवासीर का बचाव:

बवासीर से बचने के लिए सबसे जरूरी है की आप एक अच्छी और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। स्वस्थ रहने के

लिए स्वस्थ खान-पान रखना सबसे जरूरी है। कम तेल और मसाले वाले भोजन का सेवन करें। दिन भर में

ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। सुबह थोड़ा-बहुत व्यायाम करें और फाइबर से भरपूर पदार्थों का सेवन करें। इससे

गैस और कब्ज नहीं होता है। बवासीर के कारणों में सिगरेट और गुटखा का सेवन करना भी शामिल है। इसलिए आपके लिए यह आवश्यक है की नशीली चीजों से दूर रहें। समय पर सोएं, समय पर खाना खाएं, समय पर स्टूल पास करें ताकि फिर समय पर आपको भूख लगे और आपका दिन अच्छे से बीते।

बवासीर में एनोवेट क्रीम का उपयोग:

एनोवेट क्रीम का इस्तेमाल पाइल्स को दूर करने के लिए किया जाता है। यह आंतरिक और बाहरी बवासीर केसाथ-साथ फिशर के इलाज में भी बड़ी भूमिका निभाता है। पाइल्स की सर्जरी के बाद एनस और रेक्टम के जलन को दूर करने के लिए भी डॉक्टर इस क्रीम के इस्तेमाल का सुझाव देते हैं। अगर आप भी पाइल्स की समस्या से परेशान हैं तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद इस क्रीम का इस्तेमाल कर खुद की परेशानियों को काफी हद तक ठीक कर सकते हैं।

एनोवेट क्रीम कैसे लाभ पहुंचाता है?

एनोवेट क्रीम मुख्य रूप से तीन चीजों से बना है।बेक्लोमेटासोन,फैनीलेफ्रीन औरलिडोकेन शामिल हैं।

बेक्लोमेटासोन आमतौर पर प्रोस्टैग्लैंडिंस नामक केमिकल मैसेंजर को बनने से रोकता है जो स्किन में

लालीपन, खुजली और स्वेलिंग का कारण बनता है। फैनीलेफ्रीन एक डिकंजेस्टेन्ट जो स्किन के प्रभावित क्षेत्र में

रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है और सूजन कम करता है। लिडोकेन लोकल अनेस्थिसिया है जो नसों से दिमाग तक दर्द संकेतों को जाने से रोकने का काम करता है जिससे दर्द एवं संवेदना कम हो जाती है।

बवासीर में एनोवेट क्रीम का उपयोग कैसे करें?

एनोवेट क्रीम का कितनी मात्रा में इस्तेमाल करना है यह पूरी तरह से आपकी उम्र, पाइल्स की स्टेज और

गंभीरता पर निर्भर करता है। आपको इस क्रीम की क्या खुराक सबसे बेहतर होगी इस बारे में अपने डॉक्टर से

बात करें। बिना डॉक्टर की सलाह के इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पाइल्स को ठीक करने की नियत से

इस क्रीम का मनमाना इस्तेमाल आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

क्रीम का उपयोग करने से पहले गुदा क्षेत्र को गुनगुने पानी से अच्छी तरह से साफ़ कर लें और अपने हाथों को

गंध रहित साबुन से धो लें। क्रीम लगाने के बाद 3 घंटे तक मलत्याग के लिए न जाएं।

निष्कर्ष -

मेडीबडी से कराएं बवासीर का उपचार अगर आप अपने बावासीर की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं तो अपने शहर में मेडीबडी से संपर्क कर सकते हैं। मेडीबडी बावासीर के  अपने मरीजों को ढेरों फ्रीसुविधाएं भी देता है।यदि आप जानना चाहते हैं कि आपको किस ग्रेड का बवासीर है और उसके उपचार के लिए कौन सी क्रीम अच्छी होगी और क्या सर्जरी की जरूरत पड़ेगी, तो आप हमें कॉल कर सकते हैं या फिर अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

  1. एनोवेट क्रीम किसके लिए प्रयोग की जाती है?..

एनोवेट क्रीम का उपयोग बवासीर और इसके समान अन्य बीमारियों में दर्द और रक्तस्राव से राहत के लिए किया जाता है।

2.    क्या एनोवेट क्रीम में स्टेरॉयड होते हैं?

एनोवेट क्रीम में बेक्लोमीथासोन, फिनाइलफ्राइन और लिडोकेन का संयोजन बवासीर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। बेक्लोमीथासोन एक स्टेरॉयड है जो सूजन और खुजली को कम करने में मदद करता है, जबकि फिनाइलफ्राइन सूजन और दर्द को कम करने में मदद करता है।

3.   एनोवेट ऑइंटमेंट के दुष्प्रभाव क्या हैं?

पहली बार त्वचा पर लगाने पर लगाने वाली जगह पर जलन, चुभन, खुजली, सूखापन या लालिमा हो सकती है। जैसे ही आपका शरीर दवा के साथ तालमेल बिठा लेता है, यह कुछ दिनों में गायब हो जाना चाहिए।

4.    एनोवेट क्रीम की कीमत क्या है?

₹115-₹125 लगभग।

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